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समूह चर्चा में शामिल हुईं दंतेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्षhttps://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1311122685652581

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नंदन वन जंगल सफारी का भ्रमण करने पहुंचे कोंडागांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने हरियाली के बीच कुछ घंटे बिताए। जहां विशाल वन क्षेत्र के कुछ हिस्से में लायन सफारी, हर्बीवोर सफारी, बियर सफारी देखकर आनंद लिया। पिंजरेनुमा सुरक्षित वाहन में सफारी की सैर करते वन्यप्राणियों को स्वच्छंद वातावरण में घूमते-फिरते देखने का रोमांचकारी अनुभव मिला।

नंदन वन जंगल सफारी का भ्रमण करने पहुंचे कोंडागांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने हरियाली के बीच कुछ घंटे बिताए। जहां विशाल वन क्षेत्र के कुछ हिस्से में लायन सफारी, हर्बीवोर सफारी, बियर सफारी देखकर आनंद लिया। पिंजरेनुमा सुरक्षित वाहन में सफारी की सैर करते वन्यप्राणियों को स्वच्छंद वातावरण में घूमते-फिरते देखने का रोमांचकारी अनुभव मिला।

विषय विशेषज्ञों की प्रतिनिधियों से सामूहिक चर्चाhttps://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1309925049105678

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि, जहां उन्होंने प्रक्षेत्र में स्थापित संग्रहालय का अवलोकन किया। यहां विविध प्रकार के कृषि यंत्र, फलों से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं खेती-किसानी की आधुनिक तकनीक जानने का मौका मिला। प्रतिनिधियों ने यहां पशुपालन के बारे में जाना कि किस नस्ल की गाय पालने से कितना लाभ है, कुक्कुट पालन के क्या फायदे हैं, मत्स्य पालन से कैसे रोजगार पा सकते हैं और सरकार इन उपक्रमों के लिए कौन सी योजनाएं संचालित करती है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि, जहां उन्होंने प्रक्षेत्र में स्थापित संग्रहालय का अवलोकन किया। यहां विविध प्रकार के कृषि यंत्र, फलों से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं खेती-किसानी की आधुनिक तकनीक जानने का मौका मिला। प्रतिनिधियों ने यहां पशुपालन के बारे में जाना कि किस नस्ल की गाय पालने से कितना लाभ है, कुक्कुट पालन के क्या फायदे हैं, मत्स्य पालन से कैसे रोजगार पा सकते हैं और सरकार इन उपक्रमों के लिए कौन सी योजनाएं संचालित करती है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे कांकेर एवं कोंडागांव, दंतेवाड़ा जिलों के सुदूर ग्राम पंचायतों से आए पंच-सरपंचों ने संग्रहालय का अवलोकन किया। यहां विविध प्रकार के कृषि यंत्र, फलों से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं खेती-किसानी की आधुनिक तकनीक जानने का मौका मिला। प्रतिनिधियों ने यहां पशुपालन के बारे में जाना. गौ-पालन, कुक्कुट पालन मत्स्य पालन से कैसे रोजगार पा सकते हैं

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे कांकेर एवं कोंडागांव, दंतेवाड़ा जिलों के सुदूर ग्राम पंचायतों से आए पंच-सरपंचों ने संग्रहालय का अवलोकन किया। यहां विविध प्रकार के कृषि यंत्र, फलों से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं खेती-किसानी की आधुनिक तकनीक जानने का मौका मिला। प्रतिनिधियों ने यहां पशुपालन के बारे में जाना. गौ-पालन, कुक्कुट पालन मत्स्य पालन से कैसे रोजगार पा सकते हैं

नंदन वन जंगल सफारी, 800 एकड़ में स्थापित मानव निर्मित जंगल की सैर करने का अलग ही आनंद है। बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि सैर का लुत्फ लेने यहां पहुंचे। बैटरीचलित कार में बैठकर भ्रमण किया और जंगल के भीतर बब्बर शेर, बाघ, नीलगाय, हिरण, मोर आदि वन्यजीवों को स्वतंत्र विचरते देखा। क्रोकोडायल पार्क में भयानक मगरमच्छ तैरते हुए देखकर प्रतिनिधियों ने रोमांच अनुभव किया।

नंदन वन जंगल सफारी, 800 एकड़ में स्थापित मानव निर्मित जंगल की सैर करने का अलग ही आनंद है। बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि सैर का लुत्फ लेने यहां पहुंचे। बैटरीचलित कार में बैठकर भ्रमण किया और जंगल के भीतर बब्बर शेर, बाघ, नीलगाय, हिरण, मोर आदि वन्यजीवों को स्वतंत्र विचरते देखा। क्रोकोडायल पार्क में भयानक मगरमच्छ तैरते हुए देखकर प्रतिनिधियों ने रोमांच अनुभव किया।

अद्भुत वास्तुशिल्प से रूबरू होने, व्यवस्थाओं का जायजा लेने और प्रशासन के कामकाज को देखने-समझने के लिए बिलासपुर जिले के पंच-सरपंच मंत्रालय भवन पहुंचे, जहां सेक्शन आफिसर श्री एन. पी. मरावी ने उन्हें बैठक समिति कक्ष में यहां की संरचना एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी। अनुसूचित जाति-जनजाति विकास विभाग में भ्रमण कर, कामकाज का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं उच्चाधिकारियों के कक्ष देखे। प्रथम तल से पांचवी मंजिल तक पहुंचने के लिए बनाए गए रैम्प एवं लिफ्ट का उपयोग करते हुए प्रतिनिधियों ने…

अद्भुत वास्तुशिल्प से रूबरू होने, व्यवस्थाओं का जायजा लेने और प्रशासन के कामकाज को देखने-समझने के लिए बिलासपुर जिले के पंच-सरपंच मंत्रालय भवन पहुंचे, जहां सेक्शन आफिसर श्री एन. पी. मरावी ने उन्हें बैठक समिति कक्ष में यहां की संरचना एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी। अनुसूचित जाति-जनजाति विकास विभाग में भ्रमण कर, कामकाज का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं उच्चाधिकारियों के कक्ष देखे। प्रथम तल से पांचवी मंजिल तक पहुंचने के लिए बनाए गए रैम्प एवं लिफ्ट का उपयोग करते हुए प्रतिनिधियों ने…

विषय विशेषज्ञों की प्रतिनिधियों से सामूहिक चर्चाhttps://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1309925049105678

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हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं कांकेर जिलों के पंचायत प्रतिनिधियों ने सुबह-सबेरे योग के आसन सीखे. प्रशिक्षकों ने उन्हें अनुलोम, विलोम, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार एवं अन्य आसनों के बारे में जानकारी दी एवं इससे होने वाले लाभ के संबंध में बताया.

हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं कांकेर जिलों के पंचायत प्रतिनिधियों ने सुबह-सबेरे योग के आसन सीखे. प्रशिक्षकों ने उन्हें अनुलोम, विलोम, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार एवं अन्य आसनों के बारे में जानकारी दी एवं इससे होने वाले लाभ के संबंध में बताया.

प्रदेश के गौरव शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देखने और यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानने बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि पहुंचे। दर्शक दीर्घा में आकर्षक कुर्सियों पर विश्राम करते हुए उन्होंने विशाल मैदान का नजारा लिया। गाईड ने स्टेडियम की विशेषता के बारे में बताया कि देश का यह दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जिसमें मैच के दौरान 65 हजार दर्शक बैठकर मैच देख सकते हैं।

प्रदेश के गौरव शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देखने और यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानने बीजापुर एवं बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि पहुंचे। दर्शक दीर्घा में आकर्षक कुर्सियों पर विश्राम करते हुए उन्होंने विशाल मैदान का नजारा लिया। गाईड ने स्टेडियम की विशेषता के बारे में बताया कि देश का यह दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जिसमें मैच के दौरान 65 हजार दर्शक बैठकर मैच देख सकते हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली से रूबरू होने और बेहतर तरीके से समझने के लिए बीजापुर जिले के पंचायत प्रतिनिधि यहां पहुंचे। डा. श्यामाप्रसाद मुकर्जी प्रेक्षा गृह में उन्हें अधिकारियों ने विधानसभा की संरचना, सत्र, कार्यवाही आदि की जानकारी दी। परिसर में मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया गया। विधानसभा का गौरवमयी सदन देखकर और भीतर पहुंचकर प्रतिनिधि बेहद हर्षित हुए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली से रूबरू होने और बेहतर तरीके से समझने के लिए बीजापुर जिले के पंचायत प्रतिनिधि यहां पहुंचे। डा. श्यामाप्रसाद मुकर्जी प्रेक्षा गृह में उन्हें अधिकारियों ने विधानसभा की संरचना, सत्र, कार्यवाही आदि की जानकारी दी। परिसर में मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया गया। विधानसभा का गौरवमयी सदन देखकर और भीतर पहुंचकर प्रतिनिधि बेहद हर्षित हुए।

शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता ने बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों को काफी प्रभावित किया. अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान यहाँ करीब 65 हजार दर्शकों के बैठने की सुविधा है. प्रतिनिधियों को व्यवस्थाओं के संबंध में जानने का मौका मिला। गाईड ने उन्हें यहां से जुड़ी विशेषताओं की जानकारी दी। प्रदेश का गौरव बन चुके भव्य क्रिक्रेट स्टेडियम का भ्रमण बेहद आनन्ददायक लगा.

शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता ने बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों को काफी प्रभावित किया. अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान यहाँ करीब 65 हजार दर्शकों के बैठने की सुविधा है. प्रतिनिधियों को व्यवस्थाओं के संबंध में जानने का मौका मिला। गाईड ने उन्हें यहां से जुड़ी विशेषताओं की जानकारी दी। प्रदेश का गौरव बन चुके भव्य क्रिक्रेट स्टेडियम का भ्रमण बेहद आनन्ददायक लगा.

हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में रायपुर की संस्था लोक झांझर के कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने जसगीत, लोकगीत एवं लोकनृत्य पेश किया, जिसका बिलासपुर, मुंगेली एवं जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित क्विज का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सवालों के जवाब दिए। सही उत्तर देने वाले प्रतिनिधियों को अधिकारियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में रायपुर की संस्था लोक झांझर के कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने जसगीत, लोकगीत एवं लोकनृत्य पेश किया, जिसका बिलासपुर, मुंगेली एवं जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित क्विज का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सवालों के जवाब दिए। सही उत्तर देने वाले प्रतिनिधियों को अधिकारियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित होलोग्राफिक थियेटर में बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य में हुए विकास एवं योजनाओं के संबंध में जाना। आधुनिक तकनीक थ्री-डी से निर्मित मुख्यमंत्री के संदेश का प्रसारण इतना सजीव लगता है, मानो मुख्यमंत्री स्वयं मंच पर मौजूद होकर सीधे, प्रतिनिधियों से बात कर रहे हैं, सलाह-मशविरा ले रहे हैं। तकनीक का बेजोड़ कमाल पहली बार पंच-सरपंचों ने यहां देखा। रमन के बात-हमर मन के साथ ने उन्हें बेहद प्रभावित किया।

हमर छत्तीसगढ़ योजना आवासीय परिसर में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित होलोग्राफिक थियेटर में बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य में हुए विकास एवं योजनाओं के संबंध में जाना। आधुनिक तकनीक थ्री-डी से निर्मित मुख्यमंत्री के संदेश का प्रसारण इतना सजीव लगता है, मानो मुख्यमंत्री स्वयं मंच पर मौजूद होकर सीधे, प्रतिनिधियों से बात कर रहे हैं, सलाह-मशविरा ले रहे हैं। तकनीक का बेजोड़ कमाल पहली बार पंच-सरपंचों ने यहां देखा। रमन के बात-हमर मन के साथ ने उन्हें बेहद प्रभावित किया।

इमर्सिव डोम थियेटर में जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने फाइव-डी तकनीक से तैयार राज्य के विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन पर आधारित लघु फिल्म देखी। करीब 20 मिनट की लघु फिल्म में मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को बेहतर कार्य करने और ग्राम विकास में अहम् भूमिका निभाने की सीख दी, जिससे आम जनता में सरकार और प्रतिनिधियों के प्रति विश्वास बढ़े। डोम थियेटर की आकर्षक बनावट से वे बेहद प्रभावित हुए.

इमर्सिव डोम थियेटर में जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने फाइव-डी तकनीक से तैयार राज्य के विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन पर आधारित लघु फिल्म देखी। करीब 20 मिनट की लघु फिल्म में मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को बेहतर कार्य करने और ग्राम विकास में अहम् भूमिका निभाने की सीख दी, जिससे आम जनता में सरकार और प्रतिनिधियों के प्रति विश्वास बढ़े। डोम थियेटर की आकर्षक बनावट से वे बेहद प्रभावित हुए.

कोण्डागांव जिले के पंच-सरपंच सेंट्रल पार्क स्थित इमर्सिव डोम थिएटर पहुंचे, जहां उन्होंने फाइव-डी तकनीक से तैयार की गई लघु फिल्म का प्रसारण देखा। आरामदेह कुर्सियों पर वातानुकूलित हाल में आधुनिक तकनीक से योजनाओं के बारे में जानने का अलग ही मजा है। बड़े पर्दे पर प्रसारित मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के इस संदेश से उन्हें राज्य में संचालित योजनाओं को विस्तार से जानने-समझने का मौका मिला। नई तकनीक को पहली बार देखकर वे बेहद हर्षित हुए।

कोण्डागांव जिले के पंच-सरपंच सेंट्रल पार्क स्थित इमर्सिव डोम थिएटर पहुंचे, जहां उन्होंने फाइव-डी तकनीक से तैयार की गई लघु फिल्म का प्रसारण देखा। आरामदेह कुर्सियों पर वातानुकूलित हाल में आधुनिक तकनीक से योजनाओं के बारे में जानने का अलग ही मजा है। बड़े पर्दे पर प्रसारित मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के इस संदेश से उन्हें राज्य में संचालित योजनाओं को विस्तार से जानने-समझने का मौका मिला। नई तकनीक को पहली बार देखकर वे बेहद हर्षित हुए।

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